मानसिक स्वास्थ्य क्या है ? क्या Psychiatry Doctor के पास जाना जरुरी है ?

नमस्कार, आज हम एक बहुत ही खास मुद्दे पर बात करने जा रहे है। आज का हमारा टॉपिक है मेन्टल हेल्थ। फिजिकल हेल्थ सबको नजर आती है लेकिन मेन्टल हेल्थ आसानीसे नजर नहीं आता है या फिर लोग उसे समझ नहीं पते है। आप में से किसी को भी पेट में दर्द होता है, बुखार हो या सिर में दर्द या सर्दी झुकाम तो हम डॉक्टर के पास जाते है। हड्डी टूट गयी तो हड्डी वाले डॉक्टर के पास जाते है। लेकिन अगर कोई १० – १२ दिनों से उदास है , बिलकुल खामोश है। अच्छे से न खाता है न पिता है, तो उसके घरवाले उसे बोलते है की तू ऐसे क्यों रहते हो, खुश रहा करो, लाइफ में सबकुछ ठीक हो जाता है। इसका मतलब ये है की ज्यादातर लोगो को समझ नहीं आता की उसका १० दिन से उदास रहना कोई आम बात नहीं है। बल्कि एक बीमारी है उसे भी एक डॉक्टर की जरूरत है और वो डॉक्टर है एक Psychiatrists

Mental Health

Psychiatrists का नाम सुनते ही लोगो के चहरे पे बारह बज जाते है और वो ऐसे डॉक्टर के पास कभी भी जाना पसंद नहीं करते। लोग सीधे से जवाब दे देते है की हमारा बेटा कोई पागल नहीं है की वो पागलो की डॉक्टर के पास जायेगा। ये है हमारे समाज की सोच, जो की बिलकुल भी गलत है। USA और UK जैसे देशो में अगर किसी को भी डिप्रेशन, anxiety , ज्यादा सोचने की वजह से कुछ दिमागी परेशानी हो जाये तो वहां पे वो आसानी से एक Psychiatrists के पास जाते है और अपना इलाज कराके एक नॉर्मल जीवन जीते है। उनकी सोसाइटी हम से ज्यादा civilized है और educated है। वो अच्छे से समझते है की मेन्टल illness क्या होता है और उसका इलाज कराना कितना जरुरी है।

एक सिंपल सा लॉजिक है की अगर हम दिमागी तौर से healthy नहीं है तो क्या हम अपना कोई भी काम अच्छे से कर सकते है ? एक इंसान की जिंदगी अच्छे से नहीं गुजर सकती अगर वो अंदर से परेशान है, बैचैन है , डरा हुआ है, या negative विचारों से हमेशा उदास रहता है। बहुत सारे लोगो को समझ में नहीं आता है की उनको मेन्टल illness भी हो सकता है।

Signs and Symptoms of Typical Depression

1) Sadness
2) Disturbed Sleep
3) Lack of Sleep
4) Lack of Interest
5) Lack of Concentration
6) Lack of Appetite
7) Lack of Energy
8) Feeling of Worthlessness
9) Inability to Feel Pleasure
10) Weight Loss
11) Suicidal Thoughts

क्या आप जानते है की हमारे दिमाग में कुछ Neurotransmitters होते है। Neurotransmitters रासायनिक संदेशवाहक होते हैं जिनके बिना आपका शरीर काम नहीं कर सकता। उनका काम रासायनिक संकेतों (“संदेश”) को एक न्यूरॉन (तंत्रिका कोशिका) से अगले लक्ष्य सेल तक ले जाना है। अगला लक्ष्य कोशिका एक अन्य तंत्रिका कोशिका, एक मांसपेशी कोशिका या एक ग्रंथि हो सकती है। Norepinephrine, Serotonin और Dopamine ये कुछ Neurotransmitters के नाम है। ये Chemicals अगर ज्यादा हो जाये तो इंसान Hyperactive(अति सक्रिय) हो जायेगा। अगर ये कम हो जाये तो इंसान डिप्रेशन में चला जायेगा। इसका मतलब ये है की इन Neurotransmitters का balanced रहना बहुत जरुरी है। ज्यादा हो जाये या कम दोनों ही situations में मेडिसिन्स और इलाज की जरुरत पड़ेगी।

  • एक इंसान रस्सी को साप समझ के डरने लगता है – Illusion
  • एक इंसान को अजब आवाजे सुनाई देती है जब की उनके अगल बगल में रहने वालो को नहीं आती है – Hallucinations
    Illusion और Hallucinations ये दोनों ही सामान्य धारणा है।
  • एक इंसान सोचता है की उसका पडोसी उसे मारना चाहता है या उसे नुकसान पहुंचना चाहता है जिसकी वजह से वो इंसान डरा डरा रहता है – Delusion of Persecution
  • एक इंसान के अगलबगल में जो कुछ भी होता है उसके लिए वो अपने आप को जिम्मेदार ठहरता है। वो खुश भी होता है और परेशान भी यानि की जो कुछ भी हो जाये उसके लिए वो एक इमोशनल रिएक्शन देता है – Delusion of Reference
  • एक इंसान को ये लगेगा की उसने अगर जोर से ख़ास दिया या छींक दिया तो पूरा शहर उड़ जायेगा। तो उसकी वजह से वो खासी और छींक को रोकने की कोशिश करता है – Delusion of Enormity
  • एक Husband को लगता है की उसकी Wife का कही ओर अफेयर है और उसकी वजह से वो उसपे लगातार नजर रखता है। उसकी आने जाने की पूरी खबर रखता है। इसकी वजह से दोनों में रोज लड़ाई होती है और उसकी शादी-शुदा जिंदगी बर्बाद हो जाती है – Delusion of Infidelity

ये सभी Delusion कहलाते है। यानि a false belief एक ऐसा यकीन या विचार जिसे आसानी से बदला न जा सके।

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